25 जुलाई को भारतीय शेयर बाजार में तेज गिरावट देखने को मिली। दोपहर 12:40 बजे के करीब सेंसेक्स 650 अंक की गिरावट के साथ 81,520 के स्तर पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी 200 अंक टूटकर 24,840 के करीब पहुंच गया।
टॉप लूजर्स में बजाज फाइनेंस और श्रीराम फाइनेंस
निफ्टी के टॉप लूजर्स की बात करें तो बजाज फाइनेंस, श्रीराम फाइनेंस और बजाज फिनसर्व जैसे वित्तीय शेयरों में भारी गिरावट देखी गई। इसके अलावा बजाज ऑटो और इंडसइंड बैंक के शेयर भी करीब 2.5% टूटे। टाटा स्टील, हिंदुस्तान यूनिलीवर, महिंद्रा एंड महिंद्रा, अल्ट्राटेक सीमेंट, पावर ग्रिड और मारुति के शेयर भी नुकसान में रहे।
कुछ शेयरों में तेजी, SBI और HCL टेक फायदे में
हालांकि गिरावट के बीच इटर्नल (पूर्व में जोमैटो), आईसीआईसीआई बैंक, एचसीएल टेक और भारतीय स्टेट बैंक (SBI) जैसे कुछ शेयरों में तेजी भी देखी गई।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली, क्रूड में हल्की तेजी
एफआईआई ने 25 जुलाई को 2,133.69 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 2,617.14 करोड़ रुपये की खरीदारी की। ब्रेंट क्रूड में भी 0.39% की बढ़त दर्ज की गई और यह 69.45 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख
जापान का निक्केई 225, चीन का शंघाई एसएसई और हांगकांग का हैंगसेंग नुकसान में रहे, जबकि दक्षिण कोरिया का कॉस्पी फायदे में बंद हुआ। अमेरिकी बाजारों में भी बृहस्पतिवार को मिला-जुला रुख देखने को मिला।
भारत-ब्रिटेन फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर
इस बीच भारत और ब्रिटेन के बीच बहुप्रतीक्षित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर आखिरकार हस्ताक्षर हो गए। तीन साल और 14 दौर की बातचीत के बाद यह समझौता फाइनल हुआ है। बोरिस जॉनसन, लिज ट्रस और ऋषि सुनक जैसे ब्रिटिश प्रधानमंत्रियों के कार्यकाल में इस समझौते पर काम हुआ, जिसे अब भारत ने अपनी रणनीतिक कूटनीति के ज़रिए अंजाम तक पहुंचाया।
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