मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ईरान और अमेरिका के बीच टकराव की आशंकाएं गहरा गई हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनियों और अमेरिकी टीवी होस्ट टकर कार्लसन के दावों के बाद इस मामले में चीन की सक्रियता बढ़ गई है। ईरान ने सुरक्षा संबंधी बातचीत के लिए बीजिंग का रुख किया है।
चीन और ईरान के बीच हाई लेवल बैठक
ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के डिप्टी सेक्रेटरी अली बाघेरी ने बीजिंग पहुंचकर चीन के विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात की। इस बैठक में पश्चिम एशिया के बिगड़ते हालात, ईरान की संप्रभुता और अमेरिका की धमकियों से पैदा हुई सुरक्षा चुनौतियों पर चर्चा हुई।
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चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कहा कि बातचीत और कूटनीति ही इस संकट का समाधान है। उन्होंने किसी भी नए सैन्य टकराव के खिलाफ चेतावनी देते हुए ईरान को उसकी राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए समर्थन का भरोसा दिया। साथ ही चीन ने खाड़ी क्षेत्र में शांति स्थापित करने के लिए अपना दूत ईरान, ओमान और सऊदी अरब भेजने का ऐलान किया।
पिकैक्स माउंटेन को लेकर क्यों बढ़ी चिंता?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि अमेरिका ईरान के सैन्य और परमाणु बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा चुका है। हालांकि, उनके मुताबिक कुछ परमाणु ठिकाने अब भी बचे हैं, जिन्हें अमेरिकी सेना 10 मिनट के भीतर मिसाइलों से निशाना बना सकती है।
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पिकैक्स माउंटेन, जो नतांज के पास करीब 300 फीट गहरी ग्रेनाइट चट्टानों के नीचे स्थित बताया जाता है, अमेरिका और इजरायल के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। इजरायली खुफिया एजेंसियों का दावा है कि ईरान ने यहां यूरेनियम संवर्धन दोबारा शुरू किया है।
नेतन्याहू पर टकर कार्लसन का बड़ा दावा
टकर कार्लसन के दावों के मुताबिक, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप पर ईरान के खिलाफ बड़े हमले का दबाव बना रहे हैं। उनका दावा है कि नेतन्याहू अपनी राजनीतिक सत्ता बचाने के लिए ऐसा कर रहे हैं।
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कार्लसन के अनुसार, इजरायल के हालिया चुनाव में 61 सीटों का बहुमत नहीं मिलने के कारण नेतन्याहू राजनीतिक संकट का सामना कर रहे हैं। हालांकि, परमाणु हमले की आशंका और नेतन्याहू पर लगाए गए आरोपों को इन दावों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
खबर की 10 बड़ी बातें
- मध्य पूर्व में ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ा है।
- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है।
- टकर कार्लसन ने अमेरिकी परमाणु हमले की आशंका जताई है।
- ईरान ने सुरक्षा वार्ता के लिए चीन का रुख किया।
- अली बाघेरी ने चीन के विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात की।
- बैठक में ईरान की संप्रभुता और सुरक्षा पर चर्चा हुई।
- चीन ने कूटनीति को संकट का समाधान बताया।
- चीन ने ईरान, ओमान और सऊदी अरब में अपना दूत भेजने का ऐलान किया।
- पिकैक्स माउंटेन के परमाणु ठिकानों को लेकर चिंता जताई गई है।
- टकर कार्लसन ने नेतन्याहू पर ट्रंप को हमले के लिए दबाव डालने का दावा किया है।




























