Uttarakhand

फायर Mock drill कर कर्मचारियों को किया जागरुक

हल्द्वानी, खबर संसार। डाॅ0 सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय, हल्द्वानी के प्रांगण में एक फायर माॅक ड्रिल (Mock drill) का आयोजन किया गया। उक्त माॅक ड्रिल (Mock drill) का मुख्य उद्देश्य आग लगने की स्थिति में आग को कैसे काबू किया जाय।

मनिन्दर सिंह पाल फायर सेफ्टी आफिसर अग्निशमन विभाग, हल्द्वानी तथा रवि पाल (उपप्रबन्धक विद्युत) मेडिकल काॅलेज द्वारा आग से संबन्धित दुर्घटनाओं एवं बचाव के उपायों से सम्बन्धित जानकारी समस्त कर्मचारी वर्ग को दी गयी।

उन्होंने बताया कि आग लगने के कारण तीन प्रकार के होते हैं जिनमें मुख्य रूप से – लकडी, कपडा, फर्नीचर, घरेलू गैस द्वारा आग का लगना, डीजल, लुब्रीकेन्ट या अन्य ज्वलनशील पदार्थाे द्वारा, इलैक्ट्रिकसिटी के शार्ट सर्किट होने पर आग लगती है।

चिकित्सालय में फायर अलार्म सिस्टम भी लगाए गये

चिकित्सालय में फायर अलार्म सिस्टम भी स्थापित किये गये है जो 40 डिग्री से ज्यादा तापमान होने पर डिटेक्टर कार्य करता है। चिकित्सालय के अंतर्गत फायर कन्ट्रोल रूम स्थापित किया गया है तथा चिकित्सालय में महत्वपूर्ण जगहों में अग्निशमन के यन्त्रों को लगाया गया है। इस अग्निशमन यन्त्र में मोनो अमोनियम फाॅस्फेट कैमिकल होता है जिससे सभी प्रकार की आग को काबू किया जा सकता है।

यदि किसी स्थान जैसे – वार्डो, कार्यालय अथवा चिकित्सालय के किसी भी स्थान में आग लगती है तो कैसे अग्निशमन यन्त्रों के द्वारा आग में काबू पाया जा सकता है तथा कर्मचारियों को यह भी बताया गया कि तुरन्त मुख्य विद्युत केन्द्र को सूचित करें ताकि विद्युत आपूर्ति को तुरन्त बन्द किया जाये व फायर मॉक ड्रिल (Mock drill) करके यह भी देखा गया कि यदि अग्नि भीषण रूप ले ले तो कैसे पानी के द्वारा आग को बुझाया जाय तथा मनिन्दर सिंह पाल फायर सेफ्टी आफिसर द्वारा समस्त कर्मचारियों को आग को कैसे काबू किया जाये उसको अग्निशामक यंत्र द्वारा करके बताया तथा स्टाफ को प्रशिक्षण भी दिया गया।

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डा0 अरूण जोशी चिकित्सा अधीक्षक द्वारा बताया गया कि पूर्व में कलकत्ता में एक निजी चिकित्सालय में भीषण आग लगने से भयावह दुर्घटना हो गयी थी। ऐसी दुर्घटनाओं से बचने के लिए समय-समय पर अग्निशमन यन्त्रों को चेक किया जाना आवश्यक है तथा अग्निशमन यन्त्रों की जानकारी कर्मचारियों को भी देना आवश्यक है क्योंकि दुर्घटना बता कर नही आती है। इसलिए कर्मचारियों को भी किसी भी अग्नि दुर्घटना से निपटने के लिए प्रशिक्षित होना आवश्यक है। इस अवसर पर राजकीय मेडिकल काॅलेज के संकाय सदस्य, चिकित्सक वर्ग, नर्सिग स्टाफ, अधिकारी वर्ग, कर्मचारी वर्ग, फायर मैन, सुरक्षा गार्ड आदि उपस्थित थे।

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