भारतीय संस्कृति में स्त्री को सदैव लक्ष्मी स्वरूपा माना गया है। मान्यता है कि विवाह के बाद जब नई दुल्हन घर में प्रवेश करती है, तो वह सौभाग्य, समृद्धि और खुशहाली लेकर आती है। हिंदू धर्म में विशेष पर्वों पर महिलाओं द्वारा किए गए कुछ शुभ कार्य पूरे परिवार को मां लक्ष्मी का आशीर्वाद दिलाते हैं।
मकर संक्रांति 2026: महिलाओं के लिए क्यों खास
मकर संक्रांति 14 जनवरी 2026 को मनाई जाएगी। इस बार यह पर्व एकादशी तिथि के साथ पड़ रहा है, जिससे इसके नियम और भी विशेष हो जाते हैं। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन महिलाओं द्वारा किए गए धार्मिक कर्म अत्यंत फलदायी माने जाते हैं।
स्नान का महत्व
मकर संक्रांति के दिन ब्रह्म मुहूर्त में पानी में तिल मिलाकर स्नान करना चाहिए। इससे शरीर और मन की शुद्धि होती है, नकारात्मक ऊर्जा दूर रहती है और मानसिक तनाव कम होता है। यह महिलाओं के मानसिक संतुलन के लिए विशेष लाभकारी माना गया है।
किस रंग के वस्त्र पहनें
इस दिन पीले या नारंगी रंग के वस्त्र धारण करना शुभ होता है। पीला रंग आत्मविश्वास बढ़ाता है और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है, जिससे एकाग्रता बढ़ती है और नकारात्मक विचार दूर होते हैं।
सूर्य पूजा, लेकिन तुलसी से परहेज
सबसे पहले सूर्य देव को तांबे के लोटे में जल, रोली, अक्षत, फूल और गुड़ डालकर अर्घ्य दें। इससे आरोग्य की प्राप्ति होती है। हालांकि, एकादशी होने के कारण तुलसी में जल अर्पित न करें।
क्या बनाएं, क्या नहीं
रसोई की सफाई के बाद गुड़ और तिल से बनी मिठाई बनाकर भगवान को भोग लगाएं। एकादशी के कारण चावल की खिचड़ी न बनाएं। तिल, गेहूं, बाजरा और गुड़ का दान करें। इस दिन चावल का दान वर्जित माना गया है।
सुहाग सामग्री दान
14 सुहागिन महिलाओं को हल्दी-कुमकुम लगाकर सुहाग सामग्री दान करें। मान्यता है कि इससे महिलाओं को अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मिलता है।
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