महाराष्ट्र के सांगली जिले के देवराष्ट्रे गांव में दत्तात्रय लोहार नाम के व्यक्ति ने देसी जुगाड़ से जीप बना ली। जीप भी ऐसी-वैसी नहीं, इस जीप में दो सवारी आगे और चार सवारी पीछे लेकर वे मजे से घुमते-फिरते हैं। इसके बाद इस करिश्माई जीप के बारे में मशहूर बिजनेसमैन आनंद महिंद्रा को भी पता लगा।
देसी जुगाड़ से बनी यह जीप उन्हें इतनी पसंद आई कि उन्होंने दत्तात्रय लोहार से यह जीप लेने की इच्छा जताई। बदले में उन्होंने अपनी कंपनी की बोलेरो गाड़ी देने का ऑफर दिया। लेकिन जो लोग कमाल करते हैं उनकी हर बात कमाल की होती है। हैरान कर देने वाली बात यह कि दत्तात्रय लोहार ने कबाड़ के लोहे-लक्कड़ से जुगाड़ कर जो जीप बनाई है, वो जीप वे आनंद महिंद्रा को देने के लिए तैयान नहीं हुए। यानी बोलेरो का लालच भी उन्हें डिगा नहीं पाया।
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ऑफर ठुकराते हुए लोहार परिवार ने जो तर्क दिए वे दिलचस्प हैं। उन्होंने कहा कि बोलेरो जीप के मेंटेनेंस का खर्चा वे नहीं उठा पाएंगे। इसके अलावा उन्होंने कहा कि कड़ी मेहनत और दो सालों के इंतजार के बाद उनकी मेहनत रंग लाई है। पहली बार घर में लक्ष्मी आई है, वे उसे यूं ही नहीं जाने देंगे।
किक से स्टार्ट होती है यह जीप
दत्तात्रय लोहार का अपना फेब्रिकेशन वर्कशॉप है। वे ज्यादा पढ़े-लिखे नहीं हैं. लेकिन अल्पशिक्षित होते हुए भी उन्होंने दोपहिए गाड़ी के इंजन, चार चक्के वाली गाड़ी के बोनट और ऑटो रिक्शा के चक्कों का इस्तेमाल करते हुए 60 हजार के खर्चे में यह जीप तैयार की है। यह जीप किसी दोपहिया वाहन की तरह किक मारकर स्टार्ट होती है।
इस जुगाड़ जीप के बारे में आनंद महिंद्रा ने यह कहा
आनंद महिंद्रा ने दत्तात्रय लोहार की सूझबूझ और कौशल की तारीफ की है। आनंद महिंद्रा ने इस जुगाड़ जीप के बारे में कहा कि, ‘यह गाड़ी नियमों में बैठती नहीं है। लेकिन मैं उनकी खुद से गाड़ी बनाने की कल्पना और कम संसाधन में इतनी बड़ी चीज बनाने की उनकी क्षमता की तारीफ करने से खुद को नहीं रोकूंगा।’
आगे आनंद महिंद्रा ने कहा कि, ‘ नियमों का उल्लंघन होने की वजह से स्थानीय प्रशासन इसे सड़कों पर चलने से कभी ना कभी रोकेगा। मैं व्यक्तिगत रूप से उन्हें इस गाड़ी के बदले में बोलेरो गाड़ी देने का ऑफर देता हूं। उनके द्वारा बनाई गई यह गाड़ी महिंद्रा रिसर्च वैली में प्रदर्शनी के लिए रखी जाएगी। कम संसाधन में ज्यादा से ज्यादा काम कैसे किया जाता है, इस बारे में यह हमें प्रेरणा दिया करेगी।’
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