पुतिन से मिलेंगे फिलिस्तीनी राष्ट्रपति अब्बास, रूस के रुख से दुनिया हैरान जी, हां हमास के इजरायल पर हमले के बाद पूरी दुनिया में इस बात की अटकलें लगाई जा रही हैं कि रूस और यूक्रेन युद्ध के बाद दुनिया में एक और युद्ध की शुरुआत हो सकती है। इस बीच इजरायल को दुनिया के ताकतवर देशों ने झटका दिया है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने इमरजेंसी मीटिंग बुलाई।
अमेरिकी ने अपली करते हुए कहा कि परिषद के सभी 15 सदस्य इस हमले की कड़ी निंदा करें। बंद कमरे में हुई इस मीटिंग में तत्काल कोई कार्रवाई का फैसला नहीं किया गया है। बताया जा रहा है कि अमेरिका और रूस इजरायल मुद्दे पर आमने सामने आ गए हैं।
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पुतिन से मिलेंगे अब्बास
खबर सामने आई है कि फिलीस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास मॉस्को जा सकता है। वहां अब्बास रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात कर सकते हैं। रूसी मीडिया के हवाले से ये खबर सामने आई है। वैसे तो ये माना जाता है कि दुश्मन का दुश्मन दोस्त होता है। लेकिन दोस्त का दुश्मन भी दुश्मन होता है। महमूद अब्बास अब पुतिन ने मिलने जा रहे हैं।
रूस खुलकर फिलिस्तीन के समर्थन में खड़ा हो गया है। इसके पीछे की बड़ी वजह है कि अमेरिका इजरायल का साथ दे रहा है। रूस का मानना है कि अमेरिका और पश्चिमी देश इजरायल को भी यूक्रेन की तरह फंसा रहे हैं। ईरान की भी इस पूरे मामले में भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। आपको बता दें कि हमास के लीडर ने दावा किया था कि सहयोगी हमारे मदद के लिए तैयार हैं।
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पश्चिमी देश इजरायल के साथ
रूस के संयुक्त राष्ट्र राजदूत ने स्पष्ट किया है कि रूस के नागरिकों पर सभी हमलों की निंदा हो। चीन ने दोनों देशों के बीच शांति की बात की है। वहीं अमेरिका ने हमास के हमलों को आतंकवादी हमला करार दिया है। अमेरिका ने इजरायली नागरिकों के खिलाफ हिंसक गतिविधि रोकने की भी अपील की है। इजरायल फिलीस्तीनी संघर्ष को समाप्त करने के लिए टू स्टेट सॉल्यूशन पर बात फिर से शुरू करने के बारे में पूछे जाने पर अमेरिका का कहना है कि मौजूदा समय में हिंसा और बंधक बनाए जाने की घटना से निपटना प्राथमिकता है।
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