नई दिल्ली: मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में जोरदार बिकवाली देखने को मिली, जिससे निवेशकों में हड़कंप मच गया। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 1065.71 अंक टूटकर 82,180.47 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 में 353 अंकों की गिरावट दर्ज की गई और यह 25,232.50 पर आ गया। इस एक दिन की गिरावट में निवेशकों की संपत्ति करीब 9 लाख करोड़ रुपये घट गई।
सुबह से ही बाजार पर बिकवाली का दबाव बना रहा। प्रमुख सूचकांक दो महीने के निचले स्तर तक फिसल गए। आईटी कंपनियों के कमजोर नतीजों, वैश्विक व्यापार को लेकर अनिश्चितता और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने बाजार की रफ्तार तोड़ दी। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप घटकर 456 लाख करोड़ रुपये रह गया।
आईटी शेयरों में भारी बिकवाली
आईटी सेक्टर सबसे ज्यादा दबाव में रहा। निफ्टी आईटी इंडेक्स 2% टूट गया। विप्रो के शेयर करीब 3% और LTIMindtree लगभग 6% लुढ़क गए। कंपनी ने तिमाही मुनाफे में गिरावट की वजह नए श्रम कानूनों के असर को बताया।
वैश्विक अनिश्चितता और टैरिफ की मार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा यूरोपीय देशों पर नए टैरिफ की धमकी से वैश्विक बाजारों में कमजोरी आई। एशिया-प्रशांत बाजारों का MSCI इंडेक्स 0.3% गिरा, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा।
विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने लगातार 10वें सत्र में बिकवाली की। 19 जनवरी को उन्होंने करीब 3,263 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जिससे बाजार पर दबाव और बढ़ गया।
सुरक्षित निवेश की ओर रुख
वैश्विक तनाव के बीच निवेशक सुरक्षित संपत्तियों की ओर भागे। सोना 4,700 डॉलर प्रति औंस के पार पहुंच गया और चांदी रिकॉर्ड ऊंचाई के पास बनी रही।
कमजोर तकनीकी संकेत
विश्लेषकों के मुताबिक तकनीकी संकेत फिलहाल बाजार की कमजोरी दिखा रहे हैं। आने वाले सत्रों में अहम सपोर्ट लेवल बाजार की दिशा तय करेंगे।
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