सरकार जल्द ही LPG सब्सिडी कैलकुलेशन का तरीका बदल सकती है। इसकी सबसे बड़ी वजह सरकारी तेल कंपनियों द्वारा अमेरिका से LPG सप्लाई के लिए किया गया नया कॉन्ट्रैक्ट माना जा रहा है। अब तक देश में LPG सब्सिडी की गणना सऊदी कॉन्ट्रैक्ट प्राइस (Saudi CP) के आधार पर होती रही है, जो वेस्ट एशिया से आने वाली गैस की स्टैंडर्ड कीमत मानी जाती है।
अमेरिका से सप्लाई ने क्यों बढ़ाई चिंता?
अब अमेरिका से LPG आयात होने पर अमेरिकी बेंचमार्क प्राइस और अटलांटिक महासागर पार से आने वाले भारी फ्रेट खर्च को भी सब्सिडी फॉर्मूले में शामिल किया जा सकता है। इससे LPG की लागत बढ़ने की आशंका है, जिसका सीधा असर सब्सिडी की रकम और आम उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार 2021 से 2025 के बीच 5.6 करोड़ से ज्यादा उपभोक्ताओं ने LPG सब्सिडी छोड़ दी। खास बात यह है कि सब्सिडी छोड़ने वालों की संख्या बड़े और समृद्ध राज्यों में ज्यादा है।
सब्सिडी छोड़ने वाले टॉप राज्य
- महाराष्ट्र: 94.6 लाख
- उत्तर प्रदेश: 69.2 लाख
- दिल्ली: 44.8 लाख
- कर्नाटक: 38 लाख
- राजस्थान: 36.7 लाख
- तमिलनाडु: 34.1 लाख
- गुजरात: 26.2 लाख
- मध्य प्रदेश: 23.2 लाख
- पंजाब: 22.3 लाख
- बिहार: 21.6 लाख
LPG सिलेंडर की मौजूदा कीमत
दिल्ली में 14.2 किलो घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत फिलहाल 853 रुपये है। इसमें आखिरी बदलाव 8 अप्रैल को हुआ था। वहीं, उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को साल में 9 सिलेंडर तक 300 रुपये प्रति सिलेंडर सब्सिडी मिलती है। हाल ही में सरकारी तेल कंपनियों ने 19 किलो वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी की है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को ईंधन कीमतों की समीक्षा करती हैं।
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