नई दिल्ली। भारत की विकास दर इस समय दुनिया में सबसे ज्यादा है और इसका पीछा करने की कोशिश में चीन बीच रास्ते ही हांफ कर बैठ गया। चीन की Growth rate दूसरी तिमाही में अनुमान से भी काफी पीछे रही है, जबकि भारत की जीडीपी ग्रोथ अनुमान से भी आगे चल रही है। बीजिंग नेशनल ब्यूरो ऑफ स्टैटिसटिक्स (NBS) ने सोमवार को चीन की विकास दर के आंकड़े जारी किए।
चीन के आधिकारिक आंकड़ों में साफ दिख रहा है कि 2024 की दूसरी तिमाही में ड्रैगन की विकास दर भारत के मुकाबले काफी पीछे रह गई। चीन ने बताया कि दूसरी तिमाही में उसकी जीडीपी ग्रोथ 4.7 फीसदी रही है, जबकि पहली तिमाही में यह आंकड़ा 5.3 फीसदी का था। इसके बाद तमाम इकनॉमिस्ट और ब्लूमबर्ग के सर्वे में दूसरी तिमाही में Growth rate 5.1 फीसदी रहने का अनुमान लगाया गया था। लेकिन, असल स्थिति इससे काफी पीछे रह गई है।
क्यों गिरी चीन की विकास दर
चीन की विकास दर में गिरावट का प्रमुख कारण खुदरा बिक्री में कमी आना है। NBS के आंकड़े बताते हैं कि मई में जहां चीन की उपभोक्ता खपत की वृद्धि दर 3.7 फीसदी थी, वहीं जून में यह गिरकर महज 2 फीसदी रह गई। इसका मतलब है कि उपभोक्ता खपत और खुदरा बिक्री एक महीने में ही आधी रह गई।
कई चुनौतियों से घिरा ड्रैगन
दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाला देश चीन इस समय आर्थिक मोर्चे पर कई चुनौतियों से जूझ रहा है। यहां रियल एस्टेट के कर्ज का संकट बहुत महंगा पड़ रहा तो उपभोक्ता खपत में भी बड़ी गिरावट दिख रही। इसके अलावा पश्चिमी देशों के साथ चल रहे तनाव और व्यापारिक टेंशन के बीच तेजी से बूढ़ी होती आबादी से भी चीन काफी परेशान है।
कहां खड़ा है भारत
इस मुकाबले भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार कहीं आगे है। भारत ने दूसरी तिमाही में 7.6 फीसदी की विकास दर हासिल की है। पिछले वित्तवर्ष में तो भारत की विकास दर 8 फीसदी के आंकड़े को भी पार कर गई थी। भारत की उपभोक्ता खपत की विकास दर पिछले महीने तक 3.8 फीसदी रही थी। भारतीय रियल एस्टेट क्षेत्र ने हाल में ही चीन को पीछे छोड़ दिया है। जाहिर है कि आगे का रास्ता भी भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए तेज ग्रोथ वाला साबित होगा।
यह भी पढ़ें- Anushka ने प्यूमा पर लगाया बिना परमिशन फोटो इस्तेमाल करने का आरोप
हमारे फ़ैज़ी वेबसाइट से जुड़ने के लिए क्लिक करें


